श्री इरफान खान (7/01/1967 – 29/04/2020)

मुंबई : सरल और सहज जुबान से आम आदमी को जोड़ने वाले, अभिनय की दुनिया में अनेकों उपलब्धियां हासिल करने वाले महान अभिनेता ‘इरफान खान’ 29 अप्रैल,2020 बुधवार को इस दुनियां में नहीं रहे। दुर्लभ कैंसर न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझ रहे 53 वर्षीय इरफान को आंत में संक्रमण के कारण 28 अप्रैल, 2020 मंगलवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कोकिलाबेन अस्पताल में इरफान खान की मृत्यू


मंगलवार शाम उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल के कैंसर वार्ड से आईसीयू में ले जाया गया जहा वो कोमा में थे। उपचार के दौरान बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई । बुधवार दोपहर बाद उन्हें वर्सोवा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। भारत में चल रहे लॉकडाउन की वजह से उनकी अंतिम यात्रा में बेहद करीबी 20 लोग ही शामिल हो सके


इरफान खान की मां का चार दिन पहले निधन 

चार दिन पहले ही इरफान की मां सईदा बेगम की 95 साल की उम्र में जयपुर में निधन हुआ था। इस दौरान खराब तबीयत और लोकडाउन के चलते इरफान अपनी मां को अंतिम विदाई भी नहीं दे सके थे। इरफ़ान की हालत उसी दिन से ज्यादा खराब हो गई थी। दो साल पहले मार्च 2018 में कैंसर का पता लगने पर इरफान की तरफ से एक ट्वीट में कहा गया था कि ‘ मुझे यकीन है कि मै सरेंडर कर चुका हूं’।

The Man, The Dremear, The Star

Irrfan Khan : the men , the star , the dreamer
Irrfan kahan: The men , The dreamer , The star 

राजस्थान में हुआ था इरफान का जन्म 

साहबजादा इरफ़ान अली खान (इरफान खान) का जन्म 7 जनवरी, 1967 को राजस्थान के जयपुर में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम यासीन अली खान और माता का नाम सईदा बेगम खान था। उनके पिता टायर व्यापार करते थे। इरफ़ान ने अपना जीवन टोंक और जयपुर में बिताया। 1984 में इरफान जब जयपुर से  एम.ए. की पढ़ाई कर रहे थे तभी उन्‍हें नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा,नई दिल्ली में पढ़ाई के लिए स्‍कालरशिप प्राप्‍त हुई थी

शुरुआती दिनों में मुंबई में इरफान ने काफी संघर्ष किया था

Irrfan instagram photo


23,फरवरी,1995 को उन्होंने फिल्म लेखक और साथी एनएसडी स्नातक सुतापा सिकदर से शादी की। उनके दो बेटे हैं: बाबिल और अयान। इरफ़ान खान ने मुंबई में पहुंचकर काफी संघर्ष किया। उन्हें एयर कन्डीशनर रिपेयरमैन की एक नौकरी मिली। उसके बाद 1984 में,एक दिन वह राजेश खन्ना के घर गए जिनसे वो अभिनय के लिए प्रेरित हुए।

कैसे शुरू हुआ इरफान का फिल्मी कैरियर 

salarm Bombay(1988) 

इरफान को महज 21-22 साल की उम्र में मीरा नायर और गोविंद निहलानी की फिल्मों में काम करने का मोका मिला। उनकी सबसे पहली फिल्म ‘सलाम बॉम्बे(1988)’ थी। उन्होंने 1990 से अनेकों टीवी सीरियल्स में काम किया जैसे चाणक्य,भारत एक खोज, चंद्रकांता

बॉलीवुड में एक नायक के रूप विख्यात हुए

इरफ़ान बॉलीवुड के साथ ही हॉलीवुड में भी विख्यात थे। इरफ़ान खान की ये फिल्में चर्चित रही हैं- मकबूल, पान सिंह(बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड 2012), हासिल, कारवा, पिकू, हिंदी मीडियम,अंग्रेज़ी मीडियम, जुरासिक वर्ल्ड, दा वॉरियर, लाइफ ऑफ पाई,मदारी, रोड तो लद्दाख,मेट्रो और स्लमडॉग मिलिनेयर।

इरफान की आखिरी फिल्म अंग्रेज़ी मीडियम 13,मार्च,2020 को रिलीज़ हुई थी जो भारत में लॉकडॉउन चलते सिर्फ दो सप्ताह तक ही चल सकी।

इरफान पद्मा श्री से भी सम्मानित हुए है 

इरफ़ान खान का करियर 30 वर्षों से अधिक समय तक फैला रहा और उन्होंने कई पुरस्कार अर्जित किए।

 जिसमें एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार(2013)
एक एशियाई फिल्म पुरस्कार(2014) और चार बार सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार (2004, 2008, 2013, 2018) शामिल थे। 2011 में, उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया

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